Amit Shah on Infiltration: ‘ये देश धर्मशाला नहीं है’, घुसपैठ पर अमित शाह का बड़ा बयान
KhabarNest– Amit Shah on Infiltration: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि “ये देश धर्मशाला नहीं है” और भारत में किसी विदेशी नागरिक को रहने के लिए कानूनी प्रक्रिया और जरूरी अनुमति का पालन करना होगा।
अमित शाह ने यह बात 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित National Security Strategies Conference 2026 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
Amit Shah on Infiltration: घुसपैठ को लेकर क्या बोले गृह मंत्री?
अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कम समय में देश को घुसपैठिया मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत के नागरिकों को देश में रहने का अधिकार है, जबकि विदेशी नागरिकों को भारत में रहने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।
गृह मंत्री ने अवैध घुसपैठ को देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी से जुड़ी गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने आने वाले समय में घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया।
सीमा सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर
Amit Shah on Infiltration के दौरान गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। अमित शाह ने कहा कि पिछले आठ महीनों के दौरान भूमि सीमा वाले राज्यों के साथ सीमा सुरक्षा को लेकर काम किया गया है।
गृह मंत्रालय ने राज्यों के साथ सीमा सुरक्षा से जुड़ा एक चार सूत्रीय दृष्टिकोण भी साझा किया है। इसके साथ ही राज्यों में सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए वरिष्ठ स्तर के नोडल अधिकारी नियुक्त करने पर जोर दिया गया है।
2047 तक विकसित भारत के लिए आंतरिक सुरक्षा जरूरी
अपने संबोधन में अमित शाह ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए मजबूत आंतरिक सुरक्षा जरूरी है।
उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से वर्तमान चुनौतियों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ भविष्य में सामने आने वाली समस्याओं की पहचान पहले से करने को कहा।
अगले 15-20 वर्षों की सुरक्षा चुनौतियों की तैयारी
अमित शाह ने कहा कि आने वाले 15 से 20 वर्षों में पैदा हो सकने वाली सुरक्षा चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय रुझानों का अध्ययन किया जाना चाहिए।
उनके मुताबिक किसी समस्या के गंभीर रूप लेने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसकी शुरुआती स्तर पर पहचान कर समाधान करना ज्यादा प्रभावी होगा।
केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
गृह मंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई।
उन्होंने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच जानकारी साझा करने तथा आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया। सरकार का फोकस सीमा सुरक्षा मजबूत करने के साथ अवैध घुसपैठ पर प्रभावी कार्रवाई करने पर है।
Amit Shah on Infiltration को लेकर दिए गए बयान में गृह मंत्री ने आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और अवैध घुसपैठ के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई।
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