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16 अगस्त 2026 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण और राहुकाल

KhabarNest16 August 2026 Ka Panchang: 16 अगस्त 2026, रविवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। चतुर्थी तिथि शाम 4:52 PM तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शुरू होगी। इस दिन हस्त नक्षत्र और साध्य योग रहेगा।

इस लेख में जानिए 16 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र राशि, राहुकाल और प्रमुख शुभ-अशुभ समय की जानकारी दी गई है।

नोट: ऊपर दिए गए पंचांग के समय आगरा, उत्तर प्रदेश को आधार मानकर दिए गए हैं। अन्य शहरों में समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य के लिए अपने स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर करें।

16 अगस्त 2026 का पंचांग – Short Details

विवरणजानकारी
दिनरविवार
तारीख16 अगस्त 2026
मासश्रावण
पक्षशुक्ल पक्ष
तिथिचतुर्थी
नक्षत्रहस्त
योगसाध्य
करणविष्टि, इसके बाद बव
चंद्र राशिकन्या
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
स्थानआगरा, उत्तर प्रदेश

16 अगस्त 2026 की तिथि

शुक्ल पक्ष चतुर्थी: शाम 4:52 PM तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष पंचमी शुरू होगी।

चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा, मंत्र जाप और धार्मिक कार्य करने की परंपरा है।

16 अगस्त 2026 का नक्षत्र

हस्त नक्षत्र: 16 अगस्त को हस्त नक्षत्र रहेगा और यह 17 अगस्त की सुबह लगभग 3:50 AM तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा।

16 अगस्त 2026 का योग

साध्य योग: 16 अगस्त को साध्य योग रहेगा और यह 17 अगस्त की सुबह लगभग 4:07 AM तक रहेगा।

16 अगस्त 2026 का करण

  • विष्टि करण: शाम 4:52 PM तक
  • इसके बाद बव करण शुरू होगा।

विष्टि करण को सामान्य रूप से भद्रा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है।

16 अगस्त 2026 की चंद्र राशि

16 अगस्त को चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा।

16 अगस्त 2026 का राहुकाल

राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदलता है। इसलिए आगरा के स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार राहुकाल की गणना करना उचित है।

राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।

16 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त भी स्थान के अनुसार बदलते हैं। इसलिए किसी महत्वपूर्ण धार्मिक या मांगलिक कार्य के लिए आगरा के स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि करें।

16 अगस्त 2026 को क्या करें?

  • भगवान गणेश की पूजा करें।
  • सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • भगवान गणेश को दूर्वा और मोदक अर्पित करें।
  • गणेश मंत्र का जाप करें।
  • धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों में समय बिताएं।
  • जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।

16 अगस्त 2026 को क्या न करें?

  • राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचें।
  • विष्टि करण यानी भद्रा के दौरान शुभ कार्य करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।
  • किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए केवल सामान्य पंचांग समय पर निर्भर न रहें और स्थानीय मुहूर्त की पुष्टि करें।

16 अगस्त 2026 का धार्मिक महत्व

16 अगस्त को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। रविवार होने के कारण सूर्य देव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देना भी शुभ माना जाता है।

16 अगस्त 2026 का पंचांग – FAQ

प्रश्न: 16 अगस्त 2026 को कौन सा वार है?

उत्तर: 16 अगस्त 2026 को रविवार है।

प्रश्न: 16 अगस्त 2026 को कौन सी तिथि है?

उत्तर: 16 अगस्त को शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शाम 4:52 PM तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी।

प्रश्न: 16 अगस्त 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तर: 16 अगस्त को हस्त नक्षत्र रहेगा और यह 17 अगस्त की सुबह लगभग 3:50 AM तक रहेगा।

प्रश्न: 16 अगस्त 2026 को कौन सा योग है?

उत्तर: 16 अगस्त को साध्य योग रहेगा और यह 17 अगस्त की सुबह लगभग 4:07 AM तक रहेगा।

प्रश्न: 16 अगस्त 2026 को कौन सा करण है?

उत्तर: 16 अगस्त को विष्टि करण शाम 4:52 PM तक रहेगा। इसके बाद बव करण शुरू होगा।

प्रश्न: 16 अगस्त 2026 को चंद्रमा किस राशि में रहेगा?

उत्तर: 16 अगस्त को चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा।

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