फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस, 17 लोग घायल; विमान 300 फीट नीचे आया
नई दिल्ली: थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 उड़ान के दौरान अचानक भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। तेज झटकों के कारण विमान कुछ ही सेकंड में करीब 300 फीट नीचे आ गया, जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई। इस घटना में 13 यात्री और 4 क्रू मेंबर घायल हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, विमान में कुल 137 यात्री और चालक दल के 8 सदस्य सवार थे। उड़ान सामान्य रूप से जारी थी, लेकिन बीच रास्ते में अचानक मौसम बिगड़ने के कारण विमान को तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। झटके इतने तेज थे कि कुछ यात्री अपनी सीटों से उछल गए, जबकि केबिन में मौजूद सामान भी इधर-उधर खिसक गया।
हालांकि, पायलट ने स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया और विमान ने सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा जारी रखी। फ्लाइट सुबह 11:07 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गई। लैंडिंग के बाद घायल यात्रियों और क्रू सदस्यों को तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
एयर इंडिया का क्या कहना है?
एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा, जिससे विमान की ऊंचाई में अस्थायी बदलाव आया। एयरलाइन के मुताबिक, सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं तथा जिन लोगों को हल्की चोटें आईं, उन्हें एहतियातन एयरपोर्ट के मेडिकल सेंटर भेजा गया। कंपनी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यात्रियों ने सुनाया डरावना अनुभव
फ्लाइट में मौजूद यात्रियों ने बताया कि दिल्ली पहुंचने से कुछ समय पहले विमान में अचानक तेज झटके महसूस होने लगे। कई लोगों को ऐसा लगा कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। कुछ यात्रियों को सीट, ओवरहेड लगेज और अन्य सामान से टकराने के कारण चोटें आईं। एक यात्री के परिजन ने कान में गंभीर चोट लगने की जानकारी दी, जबकि दूसरे यात्री ने कंधे में चोट आने की बात कही।
DGCA कर रहा है जांच
घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में टर्बुलेंस को घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
एयर टर्बुलेंस क्या होता है?
एयर टर्बुलेंस वह स्थिति होती है, जब उड़ान के दौरान हवा का प्रवाह अचानक अस्थिर हो जाता है। मौसम में बदलाव, गर्म और ठंडी हवाओं का टकराव, जेट स्ट्रीम या पहाड़ी क्षेत्रों के ऊपर बनने वाली वायु अशांति के कारण विमान को तेज झटके महसूस हो सकते हैं। अधिकांश मामलों में यह सामान्य घटना होती है, लेकिन कई बार इसकी तीव्रता अधिक होने पर यात्रियों और क्रू को चोट लग सकती है।
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