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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 707 अरब डॉलर के पार, RBI के फैसले से बढ़ा विदेशी मुद्रा प्रवाह

KhabarNest– भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में 14.136 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर पहुंच गया। यह पिछले चार महीनों का उच्च स्तर है। विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार बढ़ोतरी के बीच RBI ने FCNR(B) deposits से जुड़े विदेशी मुद्रा प्रवाह को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना बढ़ा?

भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 7 अगस्त 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 707.002 अरब डॉलर रहा। इससे पिछले सप्ताह की तुलना में इसमें 14.136 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई।

पिछले करीब छह सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 40 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आधिकारिक आंकड़ों के लिए यहां क्लिक करें।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में भी बढ़ोतरी

KhabarNestभारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों की बड़ी हिस्सेदारी है। 7 अगस्त तक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 9.946 अरब डॉलर बढ़कर 574.625 अरब डॉलर हो गईं।

वहीं भारत का स्वर्ण भंडार बढ़कर करीब 108.738 अरब डॉलर हो गया। SDRs करीब 18.745 अरब डॉलर और IMF में भारत की रिजर्व ट्रेंच पोजिशन करीब 4.894 अरब डॉलर रही।

RBI ने FCNR(B) deposits को लेकर लिया बड़ा फैसला

विदेशी मुद्रा प्रवाह में तेजी के बीच RBI ने FCNR(B) deposits के लिए concessional forex swap facility की नई deposits mobilise करने की अंतिम तारीख में बदलाव किया है।

RBI ने इस सुविधा के तहत नई deposits जुटाने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 से घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है।

यह बदलाव मजबूत विदेशी मुद्रा प्रवाह को देखते हुए किया गया है।

FCNR(B) deposits से 52.3 अरब डॉलर का प्रवाह

RBI के अनुसार, 8 जून से 13 अगस्त 2026 के बीच FCNR(B) deposits के माध्यम से करीब 52.3 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह आया।

इसके अलावा external commercial borrowings के जरिए करीब 1.7 अरब डॉलर और overseas foreign currency borrowings के जरिए करीब 2.8 अरब डॉलर जुटाए गए।

इससे पता चलता है कि विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए RBI की इस पहल को मजबूत प्रतिक्रिया मिली है।

707 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार क्यों महत्वपूर्ण है?

विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी वित्तीय स्थिति का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार भारत को आयात भुगतान, वैश्विक वित्तीय अस्थिरता और रुपये पर पड़ने वाले दबाव जैसी परिस्थितियों से निपटने में मदद करता है।

हालांकि, केवल विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी को अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर नहीं माना जा सकता। रुपये की स्थिति, विदेशी निवेश, आयात-निर्यात और वैश्विक बाजार की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती से भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति को सहारा मिलता है। इससे वैश्विक बाजार में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की स्थिति में देश के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त बफर रहता है।

RBI के FCNR(B) कदम से आए विदेशी मुद्रा प्रवाह ने भी हाल की बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

निष्कर्ष

KhabarNestभारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अगस्त 2026 तक 707.002 अरब डॉलर पहुंच गया है। एक सप्ताह में 14.136 अरब डॉलर की बढ़ोतरी और पिछले छह सप्ताह में करीब 40 अरब डॉलर की वृद्धि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूत स्थिति को दिखाती है।

FCNR(B) deposits के जरिए आए करीब 52.3 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रवाह के बीच RBI ने नई deposits mobilise करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 कर दी है।