🌙 आज का पंचांग — 13 August ka Panchang
दिन: गुरुवार
तारीख: 13 अगस्त 2026
स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
विक्रम संवत: 2083
ऋतु: वर्षा
अयन: दक्षिणायन
13 अगस्त 2026, गुरुवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी। 12 अगस्त की अमावस्या समाप्त होने के बाद प्रतिपदा तिथि शुरू होगी। इस दिन तिथि, नक्षत्र, योग और करण के साथ शुभ एवं अशुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है।
🪔 13 अगस्त 2026 का पंचांग(13 August ka Panchang)
| पंचांग | समय |
| 🌅 सूर्योदय | लगभग 5:49 AM |
| 🌇 सूर्यास्त | लगभग 7:03 PM |
| 🌙 तिथि | शुक्ल प्रतिपदा — लगभग 8:41 PM तक |
| ⭐ नक्षत्र | आश्लेषा — लगभग 6:07 AM तक |
| ⭐ इसके बाद | मघा नक्षत्र |
| 🧘 योग | वरीयान — लगभग 12:16 PM तक |
| 🔱 करण | किंस्तुघ्न — लगभग 9:50 AM तक |
| 🔱 इसके बाद | बव करण |
| ☀️ सूर्य राशि | कर्क |
| 🌙 चंद्र राशि | कर्क, फिर सिंह |
पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। आगरा के लिए दैनिक पंचांग में सूर्योदय-सूर्यास्त तथा राहुकाल जैसे समय स्थानीय गणना पर आधारित होते हैं।
⭐ आज का नक्षत्र
13 अगस्त की सुबह लगभग 6:07 AM तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
आश्लेषा नक्षत्र के बाद मघा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होने के साथ दिन की पंचांग गणना में बदलाव आता है। धार्मिक परंपरा में मघा नक्षत्र को पूर्वजों, परंपरा और आध्यात्मिक भाव से जोड़ा जाता है।
🕉️ आज का योग
इस दिन वरीयान योग लगभग 12:16 PM तक रहेगा। इसके बाद अगले योग की शुरुआत होगी।
किसी भी महत्वपूर्ण शुभ कार्य के लिए केवल एक मुहूर्त देखने के बजाय तिथि, नक्षत्र, योग और स्थानीय पंचांग को साथ में देखना उचित माना जाता है।
🔱 आज के करण
13 अगस्त को किंस्तुघ्न करण लगभग 9:50 AM तक रहेगा। इसके बाद बव करण प्रारंभ होगा।
करण पंचांग के पांच प्रमुख अंगों में से एक है और किसी कार्य के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण करने में इसका भी महत्व माना जाता है।
✨ आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:59 AM से 12:52 PM तक
अभिजीत मुहूर्त को सामान्य रूप से शुभ कार्यों के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि किसी विशेष धार्मिक संस्कार, विवाह या अन्य मांगलिक कार्य के लिए व्यक्तिगत एवं स्थानीय मुहूर्त देखना बेहतर रहता है।
⚠️ आज का राहुकाल
राहुकाल: लगभग 2:05 PM से 3:45 PM तक
राहुकाल में सामान्यतः नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की परंपरा है। जरूरी कार्य होने पर अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का विचार करना चाहिए। राहुकाल सूर्योदय और सूर्यास्त के स्थानीय समय के आधार पर बदलता है।
अन्य अशुभ समय
गुलिक काल: लगभग 9:07 AM से 10:47 AM
यमगंड: लगभग 5:49 AM से 7:29 AM
नोट: राहुकाल, गुलिक काल, यमगंड और अभिजीत मुहूर्त के समय स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए समय आगरा, उत्तर प्रदेश के अनुसार लगभग हैं।
🙏 13 अगस्त 2026 को क्या करें?
श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार:
- भगवान शिव का जल से अभिषेक कर सकते हैं।
- शिवलिंग पर बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर सकते हैं।
- ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं।
- सुबह या शाम दीपक जलाकर पूजा कर सकते हैं।
- जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान कर सकते हैं।
- सात्त्विक भोजन और सकारात्मक विचारों को अपनाने का प्रयास कर सकते हैं।
🔱 भगवान शिव की पूजा की सरल विधि
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान को साफ करके भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करें और बेलपत्र तथा पुष्प चढ़ाएं। इसके बाद ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
पूजा के अंत में भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
🌙 13 अगस्त 2026 का धार्मिक महत्व
12 अगस्त को अमावस्या तिथि के बाद 13 अगस्त को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो रही है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा धीरे-धीरे पूर्णिमा की ओर बढ़ता है। हिंदू धार्मिक परंपराओं में शुक्ल पक्ष को पूजा-पाठ, साधना और शुभ संकल्पों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
श्रावण मास होने के कारण भगवान शिव की आराधना का महत्व भी बढ़ जाता है। श्रद्धालु इस दिन अपनी श्रद्धा के अनुसार शिव पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य कर सकते हैं।
📿 आज का मंत्र
ॐ नमः शिवाय
भगवान शिव की पूजा के दौरान श्रद्धा और शांत मन से इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
📌 KhabarNest की जरूरी बात
नोट: ऊपर दिए गए पंचांग के समय आगरा, उत्तर प्रदेश के अनुसार हैं। अन्य शहरों में तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और मुहूर्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। अपने शहर के अनुसार सटीक मुहूर्त अवश्य जांचें।
