Panchangधर्म

🕉️ आज का पंचांग 11 अगस्त 2026: तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग — 11 अगस्त 2026, मंगलवार


📍 स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश

11 अगस्त 2026 को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि रहेगी। मंगलवार होने के कारण यह दिन धार्मिक रूप से विशेष है। इस दिन सावन शिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि और दूसरा मंगला गौरी व्रत भी मनाया जाएगा।

📅 11 अगस्त 2026 का पंचांग

पंचांग विवरण
वार मंगलवार
मास श्रावण
पक्ष कृष्ण पक्ष
तिथि कृष्ण चतुर्दशी
नक्षत्र पुनर्वसु, इसके बाद पुष्य
योग सिद्धि, इसके बाद व्यतीपात
करण विष्टि (भद्रा), इसके बाद शकुनि
चंद्र राशि कर्क
सूर्य राशि कर्क
विक्रम संवत 2083
शक संवत 1948

📅 तिथि

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त की सुबह लगभग 4:54 AM से 12 अगस्त की रात लगभग 1:53 AM तक रहेगी।

नक्षत्र

पुनर्वसु नक्षत्र लगभग 10:08 AM तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र शुरू होगा।

योग

सिद्धि योग लगभग 6:50 PM तक रहेगा। इसके बाद व्यतीपात योग प्रारंभ होगा।

🪔 करण

विष्टि (भद्रा) करण लगभग 3:22 PM तक रहेगा। इसके बाद शकुनि करण रहेगा।

🌅 सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: 5:47 AM
  • सूर्यास्त: 6:59 PM

🌙 चंद्रोदय और चंद्रास्त

  • चंद्रोदय: 3:51 AM
  • चंद्रास्त: 6:06 PM

राहुकाल

राहुकाल: लगभग 3:46 PM से 5:25 PM

इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से परंपरागत रूप से बचने की सलाह दी जाती है।

⚠️ अन्य अशुभ समय

  • यमगंड: लगभग 9:07 AM से 10:46 AM
  • गुलिक काल: लगभग 12:26 PM से 2:05 PM
  • वर्ज्य: लगभग 11:17 PM से 12:44 AM

✨ शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: लगभग 4:22 AM से 5:05 AM
  • अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:59 AM से 12:52 PM
  • अमृत काल: लगभग 7:58 AM से 9:25 AM

नोट: अलग-अलग पंचांग गणना पद्धतियों और स्थान के coordinates के कारण कुछ समय में 1–2 मिनट का अंतर संभव है। ऊपर दिए गए समय आगरा के स्थानीय समय के अनुसार हैं।

🕉️ आज के व्रत और त्योहार

🔱 सावन शिवरात्रि

11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी। यह भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष दिन माना जाता है।

🔱 मासिक शिवरात्रि

कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। सावन के महीने में आने वाली शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

🌸 दूसरा मंगला गौरी व्रत

सावन के मंगलवार को मंगला गौरी की पूजा की परंपरा है। 11 अगस्त को दूसरा मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा।

🙏 पूजा और उपाय

  • सुबह स्नान करके भगवान शिव का जलाभिषेक करें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
  • ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
  • भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद फूल अर्पित करें।
  • मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा भी करें।
  • जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
  • सावन शिवरात्रि पर रात्रि में शिव पूजा और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।

🕉️ धार्मिक महत्व

श्रावण कृष्ण चतुर्दशी भगवान शिव की उपासना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करना, ॐ नमः शिवाय का जाप करना और रात्रि में शिव पूजा करना विशेष धार्मिक परंपरा का हिस्सा है।

मंगलवार होने से इस दिन शिव आराधना के साथ हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।

📌 निष्कर्ष

11 अगस्त 2026 का दिन भगवान शिव की भक्ति और साधना के लिए विशेष रहेगा। सावन शिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि और मंगला गौरी व्रत के कारण धार्मिक दृष्टि से यह दिन महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार शिव पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य कर सकते हैं।

हर हर महादेव!